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एआई इंपैक्ट समिट में PM Modi ने दिया 'MANAV' विजन, 5 सूत्रों वाले इस लक्ष्य की डिटेल्स जानें

Written By: Meenakshi Prakash @meenakshiprakas Published : Feb 19, 2026 01:07 pm IST, Updated : Feb 19, 2026 01:07 pm IST

एआई इंपैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई के भविष्य के लिए M.A.N.A.V. विजन को प्रस्तुत किया है। आप भी जानें इस 5 सूत्रीय विजन में क्या खास है।

AI Impact Summit- India TV Hindi
Image Source : PTI एआई इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी

PM Modi MANAV Vision: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एआई क्रांति को आकार देने में भारत की भूमिका पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश "सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय" के सिद्धांत पर आधारित एक मिसाल कायम कर रहा है। इस अवसर पर उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भारत के मानव विजन को प्रस्तुत किया, जो डेटा अधिकारों की रक्षा करते हुए इंक्लूसिव सिद्धांतों और एआई के डेमोक्राइजेशन की बात करता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई इंपैक्ट समिट का औपचारिक उद्घाटन करते हुए अपने संबोधन में कई प्रमुख बातों का उल्लेख किया है। 

पीएम मोदी ने एआई समिट में पेश किया 'MANAV' विजन

इस इंपैक्ट समिट में पीएम मोदी ने जहां इस बात पर बल दिया कि भारत अब एआई क्रांति में हिस्सा लेने भर वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि वह इसका नेतृत्व करने वाले देश के तौर पर सामने आया है। वहीं उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए मशीन सेंट्रिक की बजाए ह्यूमन सेंट्रिक अप्रोच को अपनाने पर जोर देते हुए अपने MANAV विजन को प्रस्तुत किया है। 

आप भी जानिए पीएम मोदी के इस MANAV विजन का एआई के संदर्भ में क्या अर्थ है-

M - मोरल एंड एथिकल सिस्टम्स: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम का मार्गदर्शन नैतिक विचारों और नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर किया जाना चाहिए।

A - अकाउंटेबल: शासन व्यवस्था को पारदर्शी नियमों और निगरानी के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।

N - नेशनल सॉवरेनिटी: किसी देश के भीतर उत्पन्न डेटा उसी देश का होना चाहिए और उसी के अधिकार क्षेत्र में रहना चाहिए।

A - एक्सिसेबल और इंक्लूसिव: एआई सिस्टम सभी वर्गों के लिए आसानी से उपलब्ध होने चाहिए और यह एकाधिकार नहीं बल्कि मल्टीप्लायर के तौर पर होने चाहिए।

V - वैलिड एंड लैजिटिमेट: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को कानून के शासन के तहत वैध, विश्वसनीय और सत्यापन योग्य होना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि AI को मशीन सेंट्रिक से ह्यूमन सेंट्रिक कैसे बनाएं, संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाएं। यही इस ग्लोबल एआई इंपैक्ट समिट का मूल उद्देश्य है। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है और गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है। वर्तमान पीढ़ी के साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंपकर जाएंगे। 

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